Monday, September 12, 2011

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  1. पेड़ लगाकर ही हम प्रकर्ति को बचा सकते है हमारी संस्क्रती में पेड़ो की पूजा का प्राबधान किया किया गयाहै जाहे कोई भी पर्व हो पहले जल अर्पण बाद में सुभ कार्य हमारे पुर्बज जानते थे की पेड़ लगाना और उसको पलना हमे स्वस्थ जीबन प्रदान करता है ,लेकिन आज का मानव इन पेड़ो को काटकर अपनने सोंदर्य को बढाने के नय नय तरीके अपना रहे है ,महल बनाय जा रहे है जगल उजाड़े जा रहे है भू माफिया इन पेड़ो को काट कर नगर बना रहे है ,कुछ अपराधी पेड़ काटकर तस्करी लकड़ी की कर रहे है ,बन में रहने बाले आदिबासी जो पेड़ो से प्यार करते है उन्हें बन विभाग के लोग झुटा फसा रहे है,एक बार में भारत सरकार के अधिकारियो को लेकर १३ दी तक जंगल -२ घुमा अक्टूबर से हमने बन विभाग के अधिकारियो से मीटिंग की जिससे उन आदिबासी जो पेड़ नहीं काटते लेकिन उनसे मिलने बाली लघु बनौपाज से अपना जीबन चलाते है,उनकी समस्याओ का अध्यन किया साथ में श्री गर्ग निदेसक एवं सचिव स्तर के लोग थे एक जिले में तो अधिकारी ही नहीं पहुचे जब की दिल्ही से हम लोग पहुचे थे पेड़ काटने बालो को किसी का डर नहीं बह तो अमिर बनने हेतु पेड काट रहे है और दोष मढ़ रहे है उन
    आदिबासी पर जो जंगल के रक्षक है उनको तो अपना जीबन बनौपाज से चलना है और पर्यबरण का संरक्षण करना है है ... जय बिकसित भारत
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